एजीपीसी के जरनल हाउस ने वर्ष 2021—22 के लिए 9 अरब 12 करोड़ 59 लाख का बजट किया पास
अमृतसर
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी एसजीपीसी ने सर्व समिति से जैकारों की गुंज में वर्ष 2021—22 के लिए 9 अरब 12 करोड़ 59 लाख 26 हजार रूपए का बजट पास कर दिया। इस दौरान श्री हरिमंदिर साहिब के मुख्य ग्रंथी ज्ञानी जगतार सिंह , श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह , तख्त केसगढ़ साहिब के जत्थेदार ज्ञानी रघुबीर सिंह , एसजीपीसी के अध्यक्ष बीबी जगीर कौर समेत 86 सदस्य मौजूद थे। बजट के दौरान स्पष्ट किया गया कि वर्ष 2021—22 के दौरान अनुमानित आमदनी करीब आठ अरब 71 करोड़ 93 लाख 24 हजार के करीब होगी। यह बजट आमदनी से करीब 40 करोड़ 66 लाख रूपए अधिक खर्च वाला होने का अनुमान है। बजट एसजीपीसी के महासचिव एडवोकेट भंगवंत सिंह सियालका की ओर से पेश किया गया।एसजीपीसी की अध्यक्ष बीबी जगीर कौर ने कहा कि इस बार एसजीपीसी के बजट संबंधी पाई जारी काफी शंकाओं को खत्म किया गया है। पिछले बजटों में एक ही राशि को कई कई जगह जमा किया जाता था। जिस को खत्म किया गया है। इस से बजट की राशि में कमी आई है। संगत की ओर से चढ़ाई जाती राशि में से 30 प्रतिशत राशि अलग अलग विभागों के लिए एसजीपीसी का फंड में रूप में इकट्ठा होती है। परंतु पिछले समय के दौरान यह राशि दोबारा आमदनी में जमा होती रही है। जिस से बजट की रााि में बढ़ा अंतर पैदा हो जाता था। यह राशि एसजीपीसी के बजट और धर्म प्रचार में जमा हो जाती थी। इस बार बजट को संशोधित कर पेश किया गया है। क्योंकि बजट का बढ़ा हिस्सा संगत की ओर से चढ़ाई राशि से इकट्ठा होता है इस लिए सिर्फ अनुमानित बजटी ही पेश किया जाता है।आमदनी से खर्च अधिक है। कोरोना महामारी का भी बजट पर प्रभाव पड़ा है। एसजीपीसी की ओर से इस बार अपने खर्चों पर भी कटौती की गई है।
इतिहासिक गुरुद्वारों जिन की संभाल सेक्शन 85 के तहत की जाती है से वर्ष 2021 —22 के दौरान 6 अरब 47 करोड़ 25 लाख रूपए की आमदनी होने की संभावना है। जबकि खर्च अनुमान के अनुसार 6 अब 52 करोड़ 37 लाख रूपए है। संस्थान के शिक्षण संस्थान घाटे में चल रहे है। अधिक खर्च संगत के माध्यम से किए जा रहे है। एसजीपीसी को आरटीआई के माध्मय से पता चला कि पहले से ही वर्ष 1965 में श्री दरबार साहिब के लिए एटीजी मिल चुकी है। जिस का एसजीपीसी को भविष्य में और अधिक लाभ होगा और टैक्सों से छूट मिलेगी।
बाक्स—
किस के लिए कितना बजट
— जनरल बोर्ड के लिए 7 करोड़ 80 लाख रूपए रखे गए।
— ट्रस्ट फंड के लिए 8 करोड़ 69 लाख दस हजार रखे गए
— शिक्षा के उपर दो करोड़ 76 लाख रखे गए
— धर्म प्रचार के लिए दस करोड़ रखे गए
— प्रिंटिंग प्रेसों के लिए आठ करोड़ 20 लाख 36 हजार रखे गए
— गुरुद्वारा साहिब सेक्शन 85 के लिए 6 अरब 52 करोड़ 37 लाख रखे गए है
— शिक्षण संस्थानों के लिए दो अरब 23 करोड़ आठ लाख 80 हजार रूपए रखे गए है।
— श्री गुरु तेग बहादुर जी के प्रकाश पर्व को मनाने के लिए 14 करोड़ रूपए रखे गए।
— कुदरती आफतों के लिए रहत संबंधी 86 लाख रूपए रखे गए
— भेटा रहित गुरमति साहित्य प्रकाशित करने , धार्मिक परीक्षाएं , पत्रव्यवहार कोर्स और गुरमति विद्यालयों के लिए 27 करोड़ 31 लाख रूपए रखे गए।
—लड़कियों की खेल अकादमी के लिए 2 करोड़ रूपए
— सिकलीगर सिखों के लिए , राज्य के बाहर के गुरुद्वारों , धार्मिक , पंथक व समाज सेवी संस्थाओं के लिए 9 करोड़ 50 लाख रखे गए।
— अमृतधारी विद्यार्थियों के वजीफों के लिए 2 करोड़
— धर्मी फौजियों के लिए एक करोड़ रूपए
— धर्म अर्थ फंड के लिए 1 करोड़ 80 लाख रूपए
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बजट के दौरान अलग अलग पदाधिकारियों भगवंत सिंह सियालका, सुखदेव सिंह भौर, बलविंदर सिंह बैंस, गुरप्रीत सिंह रंधावा, मिट्ठू सिंह , गुरचरण सिंह ग्रेवाल, बीबी किरणजोत कौर , बाबा गुरमीत सिंह त्रिलोकेवाला आदि ने अपने अलग अलग सुझाव पेश किए और पंथक मामलों पर विचार पेश करके एसजीपीसी को स्टेड स्पष्ट करने की मांग की। इजलास के दौरान अरदास भाई सुलतान सिंह ने की ओर हुकमनामा मुख्य ग्रंथी हरिमंदिर साहिब ज्ञानी जगतार सिंह की ओर से लिया गया।
— पंकज शर्मा

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