श्री ननकाना साहिब के प्राचीन व नुकसाने हुए स्वरूपों के क्यों शताब्दी समारोहों पर संगत कर सकेगी दर्शन!
— आजादी के बाद आज तक चल रही है इस स्वरूपों की संभाल के लिए सेवा
साका ननकाना साहिब की शताब्दी इस बार भव्य रूप में मनाई जा रही है। शिरोमाणि गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी और पाकिस्तान सिख गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटियां 21 फरवरी 2021 को साका की शताब्दी मनाएगी। इस दौरान आयोजित कार्यक्रमों में हिस्सा लने वाली संगत को प्रचीन पावन स्वरूपों के दर्शन भी हो सकेंगे या नही यह सवाल आज संगत की चर्चा में है। समय के पंथ विरोधियों की ओर से नुकसान किए गए स्वरूपों के दर्शन संगत करना चाहती है। इस की मांग लम्बे समय से उठाई जा रही है।श्री गुरु नानक देव जी के जन्म स्थान गुरुद्वारा ननकाना साहिब पाकिस्तान को महंत नारायण दास से प्रबंधक छुड़वाने के लिए भाई लछमन दास धारोवाली समेत सैंकडों सिंघों ने शहीदिया प्राप्त की थी। इस दौरान कुछ स्वरूपों का नुकसान भी हुआ था। नुकसाने गए स्वरूपों की सेवा 14 फरवरी 2014 को कार सेवा लंगर नादेड साहिब वालों को सौंपी गई थी। उनकी ओर से इस सेवा का काम दिसंबर 2018 को मुकम्मल कर लिया गया था। इस के बाद अकाल तख्त साहिब के तत्कालीन मुख्य ग्रंथी ज्ञानी गुरमुख सिंह की ओरसे भी इन पावन स्वरूपों की सेवा दोबारा की थी। जो अभी भी चल रही है। इन स्वरूपों की सेवा आज भी श्री अकाल तख्त साहिब के उपर स्थित कमरों में कारीगरों की ओर से की जा रही है। जो अभी तक मुकमम्मल नही की गई है।
उल्लेखनीय है कि इन स्वरूपों को एसजीपीसी देश के बंटवारे के बाद ननकाना साहिब से अमृतसर ले आई थी। स्वरूपों की संभाल सही ढंग से न होने के कारण इस के पन्ने भुरने शुरू हो गए थे। इन की सेवा नादेड सााहिब वाले बाबा बलविंदर सिंह और नरिंदर सिंह को सौंपी गई थी। इन स्वरूपों की सभाल के लिए बाद में एक कारीगर अमृतसर सिंह राणा को भी तैनात किया गया था। अभी तक इन स्वरूपों की जिल्दबंदी भी नही हुई है।
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श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि स्वरूपों की चल रही सेवा जल्दी मुकम्मल करने के लिए कहा गया है। साका ननकाना साहिब के साके के दौरान आयोजित कार्यक्रमों में संगत इन स्वरूपों के दर्शन कर सके। इस लिए सेवा समय पर मुकम्मल करने के लिए कहा गया है। उन्होंने कहाकि स्वरूपों पर संघर्ष करने वाले भाई लछमन सिंह धारोवाली के खून के निशान भी मौजूद है।
— पंकज शर्मा

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