पूर्व जत्थेदार रणजीत सिंह लोगोंवाल व जत्थेदार हरप्रीत सिंह जवाब लेने समर्थकों साथ पहुंचे गोल्डन प्लाजा
— बादल परिवार को सिख पंथक संस्थाओं से बाहर करने का किया अह्वान
अमृतसरश्री गुरु ग्रंथ साहिब के पुरातन हस्त लिखित स्वरूपों, हुकमनामों और गायब हुए 328 स्वरूपों की जानकारी देने की मांग को लेकर श्री अकाल तख्त साहिब के पूर्व जत्थेदार भाई रणजीत सिंह अपने समर्थकों के साथ श्री हरिमंदिर साहिब के बाहर स्थित गोल्डन प्लाजा पहुंचे। जत्थेदार रणजीत सिंह ने एक दस दिन पहले श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह और एसजीपीसी के अध्यक्ष गोबिंद सिंह लोंगोवाल को पत्र लिख कर कहा था कि वह 7 नवंबर को संगत के साथ गोल्डन प्लाजा पहुचेंंगे और प्रश्नों का जवाब दोनों पंथक नेताओं से मांगेंगे। परंतु संगत का कोई भी जवाब देने के लिए जत्थेदार हरप्रीत सिंह ओर गोबिंद सिंह लोगोंवाल शाम तीन बजे तक नही पहुंचे। इस के बाद संगत को संबोधित करते हुए भाई रणजीत सिंह ने बादल दल का गांवों में पूर्ण बायकाट कर सिख संस्थाओं में से बादल दल के प्रतिनिधियों को बाहर का रास्ता दिखा पंथ और ग्रंथ दोनों की रक्षा करने का अह्वान किया। आरोप लगाए कि बादल परिवार को बचाने के लिए गायह हुए 328 स्वरूपों संबंधी असली जांच रिपोर्ट को ज्ञानी हरप्रीत सिंह , गोबिंद सिंह लोंगोवाल और जांच करने वाले एडवोकेट इशर सिहं ने तख्त दमदमा साहिब में बदल दिया। एसजीपीसी ने जो रिपोर्ट सर्वजनक की है वह बदली हुई रिपोर्ट है।
सुबह भाई रणजीत सिंह अपने करीब 2 हजार से अधिक समर्थकों के साथ गुरुद्वारा फूला सिंह बुर्ज से मार्च करते हुए श्री हरिमंदिर साहिब के बाहर स्थित गोल्डन प्लाजा पहुचे। सुबह 11 बजे से लेकर शाम तीन बजे तक संगत के सवालो का जवाब देने के लिए जत्थेदार रणजीत सिंह अपने समर्थकों समेत लोगोंवाल और जत्थेदार हरप्रीत सिंह सतनाम वाहेगुरू का जाप करते हुए इंतजार करते रहे।
संगत को संबोधित करते हुए रणजीत सिंह ने कहा कि अप्रेशन ब्लू स्टार के दौरान जो अनमोल खजाना, हस्त लिखित स्वरूप, गुरु साहिब के 28 से अधिक हुकमनामे, विभिन्न स्वरूप आदि सेना ले गई थी वह सारा समान सेना और भारत सरकार ने एसजीपीसी को समय समय पर वापिस कर दिया। परंतु अभी तक एसजीपीसी ने संगत को बताया ही नही है कि यह अनमोल खजाना कहां है। इस संबंधी अदालत में चल रहा केस भी एसजीपीसी हार चुकी है। अब हाल में ही गायब हुए प्रिंटिंग 328 स्वरूपों की जानकारी भी एसजीपीसी संगत को नही दे रही है। जो जानकारी मांगता है उसे टास्क फोर्स ने पिटवाया जा रहा है। मामले के संबंध में जो जांच ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने अपने दोस्त एडवोकेट इशर सिंह करवाई है उस असल रिपोर्ट को भी सर्वजनक नही किया गया। बल्कि तैयार की गई दूसरी डूप्लीकेट रिपोर्ट को सर्वजनक किया गया है। असली रिपोर्ट की एक कापी उनके पास भी है। जिस के हर पन्ने पर इशर सिंह को हस्ताक्षर है। पंरतु जो रिपोर्ट एसजीपीसी ने सर्वजनक की उसके सिर्फ आखरी पन्ने पर ही इशर सिंह के हस्ताक्षर है। जत्थेदार रणजीत सिंह ने कहा एसजीपीसी श्री हरिमंदिर साहिब और गुरुद्वारा शहीदां साहिब व कडाह प्रसाद की अमादनी का गलत उपोग कर रही है। गुरुद्वारा साहिबों की आमदनी के खर्च को गलत ढंग से उपयोग में लाया जा रहा है। एसजीपीसी के 400 कर्मचारियों को अकाली नेताओं और एसजीपीसी के अधिकारियों के निजी कामों पर तैनात करके गुरू की गोल्क पर बोझ डाला गया है। कहा कि संगत हर हाल में एसजीपीसी और अकाली दल बादल के नेताओं से गायब पंथक खजाने का हिसाब मांगेगी। आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक बादल दल को सिख धार्मिक संस्थाओं से बाहर नहीं कर दिया जाता। कहा किे वह इस आंदोलन को और तेज करने के लिए जल्दी ही भविष्य की रणनीति का एलान करेंगे। इस दौरान उनके समर्थन में अकाली दल डेमोक्रेटिक, श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार कमेटी, एसजीपीसी के विपक्ष के आधी दर्जन से अधिक सदस्य, अकाली दल बादल के निराश कार्यकर्ता आदि भी मौजूद थे।
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उधर एसजीपीसी ने जत्थेदार रणजीत सिंह की ओर से किए गए प्रदर्शन व पेश किए गए तथ्यों को गलत बताया है। एसजीपीसी के प्रवक्ता कुलविंदर सिहं रमदास ने कहा कि अपने प्रदर्शन के दौरान गल्त तथ्य पेश करके कौम के अंदर दुविधा पैदा करने की कोशिश की है। एसजीपीसी का काम काज पूरी तरह पारदर्शी है। पावन स्वरूपों संबंधी ब्यानबाजी झूठी है। गायब स्वरूपों संबंधी हुई जांच में दोषियों को सजा दी जा चुकी है। रणजीत सिंह गुरुद्वारा साहिब में रोजाना चढावे को लेकर भी गल्त तथ्य पेश किए है। जबकि एसजीपीसी के 40 के करीब गुरुद्वारों की आम दिनों में हर माह का चढावा करीब 12 करोड़ रूपाए है। सभी गुरुद्वारों का रोजाना का चढावा 40 लाख है। कोरोना के प्रभाव के कारण यह अब कम हुआ है। कडाह प्रसादर की रोजाना आमदनी करीब 12 लाख है। वही यह भी गलत है कि 400 के करीब एसजीपीसी कर्मी नेताओं ने निजी कामों पर तैनात किए है। कहा कि भाई रणजीत सिंह गलत ब्यान देकर सिखों को खानाजंगी की तरफ धकेल रहे है। रणजीत सिहं निजी लाभ लेने के लिए ऐसा कर रहे है।
— पंकज शर्मा
